Covid-19 : 9 बजे 9 मिनट P.M मोदी की अपील पर जलाय भारतवासियों ने दिए ।


5 अप्रैल पी . एम मोदी जी के अपील पर 130 करोड़ देशवासियों ने रात  को 9:00 बजे 9 मिनट के लिए दिए जलाए और इस बात का संदेश दिया कि करोना वायरस जैसी महामारी के समय पूरा भारत एकजुट है


 और उन सभी लोगों को जो कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं या जो इनफेक्टेड है साथ- साथ उन सभी लोगों को प्रशासन को हौसला दिलाया गया कि सभी देशवासीआपके साथ है




 इस अपील के बाद लोगों ने  9:00 बजे घर की लाइट बंद करके दिए,  मोमबत्ती, टॉर्च इत्यादि जलाने को कहे गए। दिए जलाने का कुछ वैज्ञानिक अर्थशास्त्र अन्य ज्योतिषीय थे जिससे यह एक सफल कार्यक्रम साबित हुआ।
Source : developing nation


दिए जलाने का ज्योतिषीय कारण

प्रोफेसर चंद्रमेली उपाध्याय जी कहते हैंरात्रि नौ बजे पूर्वा फाल्गुनि नक्षत्र है, जिससे सिंह राशि बनती है। जिसका अधिपति सूर्य है। सूर्य परमेश्वर की ज्योति का प्रतिनिधित्व करते हैं। लोक में अंधकार से प्रकाश की स्थापना करते हैं।
कासी के पंचांग के अनुसार रात्रि 9:00 बजे चैत्र माह शुक्ल पक्ष में त्र्योदशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में तुला लग्न और सिंह राशि का चंद्रमा गोचर मे होगा। उस समय श्री अनंग त्रयोदशी भी है।


अनंग अर्थात मंगल। आम जनता की जान-माल की रक्षा और सुख, स्वास्थ्य के लिए चतुर्थ भाव में उच्च के मंगल की शनि और गुरु के साथ युति महत्वपूर्ण कारक है

जिसमें शनि के अंधकार को मंगल की ऊर्जा को बढ़ाने से अवश्य किया जा सकता है। <ब्र> लोगों के मनोबल को बढ़ाने के लिए सूर्य की राशि में बैठे हुए जल जलते हुए दीपक से चंद्रमा को अवश्य बल मिलेगा।


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अर्थशास्त्र का महत्वपूर्ण कारण जो इसको और प्रेरित करता है
माना जा रहा है कि इस दिन 9 नवंबर 9:00 मिनट नीरधारण कार्य की पूर्णता व शुभता का प्रतीक।


दिए जलाने वैज्ञानिक कारण

दिए जलाना एक मानवता का प्रतीक है और यह एक पॉजिटिव ऊर्जा का स्रोत है । बीएसएफ पॉजिटिव रेडिएशन निकलता है जो कि सभी नेगेटिव रेडिएशंस नेगेटिव बॉडीज उस  पॉजिटिव ऊर्जा के सामने बस में जाती है ।
यह ऊर्जा इतनी किलोकैलोरी की होती है जिससे वातावरण में ताप ऊर्जा बनता है  और जब 130 करोड़ देशवासियों ने एक साथ सुबह 9:00 बजे 9:00 बजे दीपक जलाया तो यह ऊर्जा काफी मात्रा में वातावरण में फैली की जिसके सामने करो ना मेरे जैसी बॉडीज को नष्ट करने में सक्षम रहेगी।


यह भी जा रहा है कि चंद्रमा इस इस दिन पूर्ण निकलता है और जिसका संपूर्ण प्रकाश धरती की ओर पड़ता है जिससे कई प्रकार की एंटीबॉडी इसका का निर्माण होता है जो करोना वायरस से लड़ने में सहायक साबित हो सकता है।

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